पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव एक बार फिर हिंसा में बदल गया है। सोमवार को उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में एक विश्वविद्यालय और आसपास के रिहायशी इलाकों पर कथित रूप से पाकिस्तानी सेना द्वारा मोर्टार और मिसाइल हमले किए गए। इस हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 85 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
अफगान अधिकारियों ने समाचार एजेंसियों को जानकारी देते हुए कहा कि हमले में शैक्षणिक संस्थान को भी निशाना बनाया गया, जिससे बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग प्रभावित हुए। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विश्वविद्यालय को निशाना बनाने की बात को झूठा बताया है।
गौरतलब है कि यह घटना हाल ही में चीन की मध्यस्थता में हुई शांति वार्ता के बाद सामने आई पहली बड़ी हिंसक घटना है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।
दरअसल, फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। हालात उस समय और बिगड़ गए जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में सीमा पार कार्रवाई की। इसके बाद इस्लामाबाद ने स्थिति को “खुला युद्ध” तक करार दे दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी चिंता बढ़ गई।
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अफगान मीडिया और अधिकारियों के दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय पर हमला किए जाने की खबरें गलत हैं। वहीं, इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस हमले के बाद दोनों देशों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, लेकिन फिलहाल हालात और बिगड़ने के संकेत दे रहे हैं।










