कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और 58 विधायकों की बगावत के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में एक और बड़ी टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के करीब 22 सांसद संसदीय दल में अलग गुट बनाकर खुद को “असली टीएमसी” घोषित कर सकते हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित बागी गुट का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि इसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सांसद शामिल हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इधर, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि कई टीएमसी सांसद उनके संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
दलबदल कानून से बचने की चुनौती
संसद में किसी विभाजन को मान्यता दिलाने और दलबदल कानून से बचने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी गणित को ध्यान में रखकर बागी खेमे में समर्थन जुटाने की कोशिश चल रही है।
फोन बंद होने से बढ़ी अटकलें
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कई टीएमसी सांसदों से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनके फोन बंद मिल रहे हैं। इससे पार्टी में संभावित टूट की चर्चाओं को और बल मिला है। वहीं काकोली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया पर कुछ रहस्यमय पोस्ट साझा किए हैं, जिन्हें राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।
TMC की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
अब तक टीएमसी नेतृत्व की ओर से सांसदों की संभावित बगावत या अलग गुट बनने की खबरों की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इन दावों को फिलहाल राजनीतिक अटकलों और मीडिया रिपोर्टों के रूप में ही देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
