सिक्किम ने रचा इतिहास: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राज्य को घोषित किया ‘पूर्ण साक्षर राज्य’

सिक्किम का ऐतिहासिक गौरव: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने घोषित किया देश का 'पूर्ण साक्षर राज्य'!

Johar News Times
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पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिक्किम को आधिकारिक रूप से “पूर्ण साक्षर राज्य” घोषित कर दिया है। यह गौरवमयी घोषणा राजधानी गंगटोक में आयोजित ‘सिक्किम विश्वविद्यालय’ के दीक्षांत समारोह के दौरान खुद राष्ट्रपति महोदया द्वारा की गई।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में राज्य के शैक्षिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज सिक्किम पूरे देश के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है।

सिक्किम को यह ऐतिहासिक गौरव केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “समाज में सभी के लिए आजीवन शिक्षा की समझ – उल्लास ” के तहत प्राप्त हुआ है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के हर कोने में साक्षरता के दायरे को व्यापक बनाना और हर नागरिक तक शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करना है। सिक्किम ने इस योजना के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर बेहद कम समय में और पूरी निष्ठा के साथ हासिल करके यह स्थान पाया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित यह विशेष कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल सिद्धांतों के बिल्कुल अनुरूप है।

  • इस पहल का मुख्य फोकस 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों पर है जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से दूर रह गए थे।
  • इसके तहत वयस्क शिक्षा , कार्यात्मक साक्षरता और जीवनभर कुछ नया सीखते रहने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया जाता है।
  • साक्षरता के साथ-साथ इस अभियान के जरिए नागरिकों के कौशल विकास पर भी जोर दिया जाता है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

सिक्किम मॉडल: शिक्षा और विकास में एक बड़ी छलांग

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की सरकार द्वारा राज्य के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में बुनियादी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों को इस घोषणा से बड़ी ताकत मिली है। शिक्षाविदों का मानना है कि सिक्किम का यह ‘पूर्ण साक्षर मॉडल’ देश के अन्य राज्यों को भी अपने यहाँ साक्षरता दर सुधारने के लिए प्रेरित करेगा।

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