राघव चड्ढा ने द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। वे 5 मई को सुबह 10:40 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनके साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे। बैठक में पंजाब की राजनीति से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया जाएगा।
चड्ढा का आरोप है कि पंजाब सरकार राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसदों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है।
दरअसल, 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर BJP जॉइन करने का ऐलान किया था। इनमें से छह सांसद पंजाब से थे। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। AAP ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। वहीं, चड्ढा और उनके साथियों का कहना है कि सरकार दबाव और डर की राजनीति कर रही है तथा सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर उन्हें और उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे राष्ट्रपति से शिकायत करने जा रहे हैं।
CM भगवंत मान की भी उसी दिन मुलाकात
इसी दिन भगवंत मान को भी राष्ट्रपति से मिलने का समय दिया गया है। उन्हें दोपहर 12 बजे मुलाकात के लिए बुलाया गया है। पहले उन्होंने 89 विधायकों के साथ मिलने की इच्छा जताई थी, लेकिन अनुमति केवल उन्हें ही दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच AAP नेता संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज कथित एफआईआर को लेकर कहा कि उन्हें अब तक इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि मीडिया में खबरें चल रही हैं, लेकिन जब तक औपचारिक सूचना नहीं मिलती, तब तक वे इस पर कुछ नहीं कह सकते।
पंजाब की सियासत अब सड़कों और सदन से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है। 5 मई को होने वाली इन अहम मुलाकातों पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां इस विवाद को लेकर आगे की दिशा तय हो सकती है।










