जमशेदपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। Dayamani Barla ने भाजपा पर महिलाओं के मुद्दे पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया है। यह बातें पूर्वी सिंहभूम जिला महिला कांग्रेस की ओर से तिलक पुस्तकालय स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही गईं।
इस प्रेस वार्ता की अध्यक्षता जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने की, जबकि इसमें जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, सरायकेला महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता प्रधान और पश्चिम सिंहभूम अध्यक्ष राखी सुलेजा भी मौजूद रहे।
भाजपा पर तीखा हमला
दयामनी बारला ने कहा कि भाजपा एक ओर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान चलाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को वास्तविक अधिकार और भागीदारी देने में पीछे हट जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर उसका क्रियान्वयन टालना महिलाओं के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट होती, तो कानून लागू करने में देरी नहीं की जाती। “2024 में कानून पास कर 2029 तक टालना महिलाओं के साथ छल है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस ने गिनाई अपनी पहल
जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाया है। वहीं अवधेश कुमार सिंह ने झारखंड में चल रही मंईयां सम्मान और फूलो-झानो योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का दावा किया।
2026 से लागू करने की मांग
महिला कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बिना किसी शर्त के जल्द लागू किया जाए और 2026 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिले।
इस मुद्दे को लेकर आने वाले समय में राज्य की राजनीति और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।










