झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह खाली हो रही सीटों में से एक पर अपनी दावेदारी पेश करेगी। इसको लेकर गठबंधन सहयोगियों के बीच चर्चा शुरू होने की संभावना है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी राज्यसभा में एक सीट पर अपना उम्मीदवार भेजने की कोशिश करेगी। इसके लिए जल्द ही झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर समन्वय बनाना जरूरी है, लेकिन कांग्रेस अपनी हिस्सेदारी को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
रांची में जिला अध्यक्षों के साथ हुई बैठक के बाद के. राजू ने संगठनात्मक बदलावों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब पार्टी में काम को जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति अपनाई जा रही है। इसके तहत उपाध्यक्षों को विधानसभा स्तर, महासचिवों को प्रखंड स्तर और सचिवों को मंडल स्तर की जिम्मेदारी दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिलों में चार उपाध्यक्षों की कोर टीम बनाई गई है, जो संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करेगी।
सामाजिक प्रतिनिधित्व पर फोकस
के. राजू ने कहा कि पिछले कई वर्षों में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों से नेतृत्व तैयार करने में कमी रही है। अब पार्टी इन वर्गों से नए नेतृत्व को आगे लाने पर जोर दे रही है, ताकि उन्हें केवल वोट बैंक न माना जाए।
गठबंधन में खींचतान के संकेत
राज्यसभा सीट को लेकर यह बयान ऐसे समय में आया है जब गठबंधन में पहले से ही सीट बंटवारे को लेकर असंतोष की चर्चा है। ऐसे में कांग्रेस की यह दावेदारी आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।











