उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा (विशेषकर राजधानी अगरतला और उसके आसपास के क्षेत्रों) को भारत में अनानास का गढ़ माना जाता है। यहां बड़ी मात्रा में अनानास की खेती होती है। इस इलाके में उगने वाले अनानास का स्वाद और इसकी बेहतरीन क्वालिटी दुनिया भर में मशहूर है। इसकी इसी विशेषता के कारण यूनेस्को (UNESCO) ने भी इसे विशेष मान्यता दी है। त्रिपुरा के इस प्रसिद्ध अनानास को ‘क्वीन अनानास’ (Queen Pineapple) के नाम से भी जाना जाता है।
क्यों इतना खास है त्रिपुरा का अनानास?
त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति, पहाड़ी ढलान और वहां की मिट्टी अनानास की खेती के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं। यहां होने वाली नियमित बारिश और बेहतरीन जलवायु के कारण यहां के अनानास का स्वाद अन्य जगहों के मुकाबले काफी अलग और लाजवाब होता है।
- आकार में छोटा, स्वाद में बेजोड़: त्रिपुरा का ‘क्वीन अनानास’ आकार में थोड़ा छोटा जरूर होता है, लेकिन यह बेहद रसीला और बहुत मीठा होता है।
- तेज और मनमोहक खुशबू: इस अनानास की सबसे बड़ी पहचान इसकी तेज और मनमोहक खुशबू है, जो काटते ही पूरे माहौल में फैल जाती है। इसी खास महक और स्वाद की वजह से इसकी मांग न केवल देश के कोने-कोने में है, बल्कि इसे विदेशों में भी भारी मात्रा में एक्सपोर्ट किया जाता है।
किसानों की आजीविका का मुख्य साधन
अगरतला और उसके आस-पास के हजारों किसानों के लिए अनानास की खेती आजीविका और कमाई का सबसे बड़ा जरिया है। राज्य सरकार भी इस खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई तरह की सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। यही वजह है कि आज त्रिपुरा का अनानास ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान बना चुका है।
अनानास खाने के बेमिसाल फायदे (Health Benefits)
स्वाद के साथ-साथ अनानास सेहत का भी खजाना है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसे डाइट में शामिल करने के कई फायदे हैं:
- इम्यूनिटी बूस्टर: अनानास में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी (Vitamin C) और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
- वजन घटाने में मददगार: इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। साथ ही, इसमें मौजूद ‘ब्रोमेलैन’ (Bromelain) एंजाइम डाइजेशन को सुधारता है और मेटाबॉलिज्म तेज कर वजन कम करने में मदद करता है।
- त्वचा के लिए फायदेमंद: इसके नियमित सेवन से स्किन में ग्लो आता है और फ्री-रेडिकल्स से बचाव होता है।
