सरायकेला-खरसावां : सिंहभूम कॉलेज चांडिल में नया भवन बनने के बावजूद छात्रों को अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है। कॉलेज परिसर में शौचालयों की जर्जर स्थिति और पुराने भवनों की खराब हालत को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि नए भवन का लाभ तब तक अधूरा है, जब तक परिसर में आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त नहीं किया जाता।
कॉलेज परिसर के कई शौचालय लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। कहीं दरवाजे टूटे हुए हैं तो कहीं छत और दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई शौचालय उपयोग के लायक नहीं बचे हैं, जिससे हादसे की आशंका भी बनी हुई है। सफाई व्यवस्था खराब होने के कारण दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी लगातार बनी रहती है।
छात्राओं ने बताया कि शौचालयों की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर उन पर पड़ रहा है। कई छात्राएं असुविधा के कारण कॉलेज में लंबे समय तक रुकने से बचती हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से पढ़ाई और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।


इधर, स्थानीय अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों ने भी कॉलेज प्रबंधन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नए भवन के उद्घाटन के बाद भी पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं होना चिंता का विषय है।
कॉलेज के छात्रों ने शौचालयों की तत्काल मरम्मत, नए शौचालय निर्माण और पूरे परिसर के सुदृढ़ीकरण की मांग उठाई है। वहीं, हाल में इंटर साइंस का रिजल्ट अपेक्षा से कमजोर रहने और इंटर की पढ़ाई को लेकर उठे सवालों के बीच अब बुनियादी सुविधाओं की समस्या ने छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है।









