NEET सॉल्वर गैंग के तार झारखंड से जुड़े: लखीसराय में गिरिडीह की पूनम कुमारी गिरफ्तार, BHU की छात्रा के कारनामे से परिवार स्तब्ध

Johar News Times
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देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 री-एग्जाम (पुनर्परीक्षा) में एक बार फिर सॉल्वर गैंग (डमी परीक्षार्थी) की बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। बिहार के लखीसराय में पुलिस द्वारा दबोचे गए अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग के तार अब झारखंड के गिरिडीह जिले से जुड़ गए हैं। लखीसराय के परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार आरोपियों में गिरिडीह के बिरनी प्रखंड अंतर्गत बरहमसिया गांव की रहने वाली मेधावी छात्रा पूनम कुमारी का नाम सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने पूनम को किसी अन्य मूल अभ्यर्थी के स्थान पर अवैध रूप से परीक्षा (स्कॉलर के रूप में) देते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

बीएचयू (BHU) में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी पूनम, डॉक्टर बनने का था सपना

पूनम कुमारी के शैक्षणिक बैकग्राउंड की बात करें तो वह कोई साधारण छात्रा नहीं बल्कि बेहद होनहार रही है। उसने वर्ष 2022 में अच्छे अंकों से इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा पास की थी। खुद डॉक्टर बनने का सपना संजोए पूनम ने खुद कई बार नीट (NEET) की परीक्षा दी थी। जब नीट में मनमुताबिक सफलता नहीं मिली, तो साल 2025 में उसने प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) कोर्स में दाखिला ले लिया। वह बीएचयू के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी और साथ ही साथ मेडिकल में बेहतर रैंक के लिए नीट की तैयारी भी जारी रखी थी।

हॉस्टल वार्डेन के एक फोन से परिवार के पैरों तले खिसकी जमीन

गिरिडीह में रह रहे पूनम के परिजनों ने बताया कि वे इस खबर के बाद से पूरी तरह सदमे में हैं। सोमवार की शाम बीएचयू हॉस्टल की वार्डेन ने पूनम के पिता को फोन कर इस गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी दी। वार्डेन ने बताया कि पूनम वाराणसी से परीक्षा देने बिहार गई थी और वहां दूसरे छात्र की जगह बैठते हुए पकड़ी गई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें अब भी अपनी बेटी पर यकीन नहीं हो रहा है कि डॉक्टर बनने की चाहत रखने वाली उनकी बेटी पैसों के लालच में आकर किसी बड़े परीक्षा माफिया और सॉल्वर गैंग के चंगुल में फंस सकती है।

लखीसराय में महा-ऑपरेशन: 4 केंद्रों से 24 लोग गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि 21 जून (2026) को लखीसराय जिले के चार अलग-अलग संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर नीट की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी। जिला प्रशासन और खुफिया विभाग को पहले ही इनपुट मिल चुका था कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर डमी परीक्षार्थी (सॉल्वर) बैठने वाले हैं।

इसके बाद पुलिस कप्तान के निर्देश पर केआरके कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर परीक्षा केंद्रों पर एक साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस महा-कार्रवाई में पुलिस ने गिरिडीह की पूनम कुमारी सहित कुल 24 शातिर आरोपियों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।

करोड़ों के आर्थिक लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू

बिहार पुलिस के उच्चाधिकारियों के मुताबिक, यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं बल्कि कई राज्यों में फैला एक संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क है। गिरफ्तार किए गए सॉल्वर और दलालों से बंद कमरे में सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रही है कि प्रति छात्र कितने लाख या करोड़ रुपये का सौदा हुआ था, पूनम कुमारी को इस काम के लिए कितने पैसों का ऑफर दिया गया था और इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना (किंगपिन) कौन है। फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

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