डुमरिया: पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित फुलझरी गांव में गुरुवार दोपहर वज्रपात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज गर्जना और चमक के साथ गिरी आकाशीय बिजली सीधे एक घर पर आ गिरी, जिससे 30 वर्षीय धनु हेम्ब्रम की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी, मां और 14 वर्षीय छोटा भाई गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, धनु हेम्ब्रम अपनी पत्नी सिनगो हेम्ब्रम के साथ टाइल छप्पर वाले घर के कमरे में बैठे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और जोरदार धमाके के साथ बिजली घर के छप्पर को चीरते हुए कमरे में आ गिरी। बिजली की चपेट में आने से धनु गंभीर रूप से झुलस गए।
वहीं बरामदे में घरेलू काम कर रही उनकी मां पुदी हेम्ब्रम और घर में मौजूद 14 वर्षीय छोटे भाई बुढ़ान हेम्ब्रम भी इसकी चपेट में आकर अचेत हो गए। हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। मृतक के पिता सुराई हेम्ब्रम ने बताया कि घटना के समय वे घर से कुछ दूरी पर थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर जब वे घर पहुंचे तो परिवार के सभी सदस्य जमीन पर बेसुध पड़े थे। ग्रामीणों की मदद से तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सक डॉ. सुषमा हांसदा ने जांच के बाद धनु हेम्ब्रम को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनकी पत्नी, मां और छोटे भाई का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पंचम तिग्गा पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कालियाम गांव में वज्रपात से चार बैल और दो बकरियों की मौत
इधर डुमरिया प्रखंड के केंदुआ पंचायत अंतर्गत कालियाम गांव में भी गुरुवार को वज्रपात ने भारी नुकसान पहुंचाया। जंगल किनारे एक कुसुम पेड़ के नीचे चर रहे चार बैल और दो बकरियां आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए, जिससे सभी पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृत पशुओं में किसान चुड़ी होनहागा का एक बैल, सिताराम सोय के दो बैल, लोसरो सरदार का एक बैल तथा शांति होनहागा की दो बकरियां शामिल हैं। पशुओं की मौत से प्रभावित किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, क्योंकि खेती के मौसम में बैल ही उनकी आजीविका और खेती का प्रमुख सहारा थे। घटना के बाद युवा नेता उदय मुर्मू ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से पीड़ित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति को देखते हुए मृत पशुओं के एवज में शीघ्र सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
