जमशेदपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देशानुसार, केंद्रीय कारा घाघीडीह में बंदियों के लिए एक विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत करना और उन्हें सरकारी विधिक सहायता उपलब्ध कराना था।
प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद:
शिविर में मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी, चीफ एलएडीसी विदेश सिंहा, सहायक एलएडीसी राजेश श्रीवास्तव और जेलर बबलू गोप उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
शिविर की खास बातें:
- निशुल्क कानूनी सहायता: बंदियों को बताया गया कि यदि उनके पास पैरवी के लिए वकील नहीं है या उनके परिजन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, तो वे आवेदन पत्र के माध्यम से प्राधिकार से कानूनी सहायता मांग सकते हैं।
- मुकदमों की जानकारी: सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बंदियों से उनके चल रहे मुकदमों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया।
- स्वास्थ्य जांच: शिविर के दौरान जेल प्रशासन से बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में भी फीडबैक लिया गया।
सचिव का संदेश:
प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि नालसा की गाइडलाइन के तहत यह शिविर आयोजित किया गया है ताकि कोई भी बंदी कानूनी जानकारी या सहायता के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने बंदियों को प्रेरित किया कि वे अपने अधिकारों का उपयोग करें और जेल के भीतर उपलब्ध विधिक सेवाओं का लाभ उठाएं।
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