उत्तर भारत की तपती गर्मियों में अगर खाने की थाली में कुछ खट्टा-मीठा मिल जाए, तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है। इन्ही में से एक पारंपरिक डिश है ‘कच्चे आम का कूट’ । यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि आयुर्वेद के अनुसार यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और शरीर को लू से बचाने में भी बेहद मददगार साबित होता है।
सेहत और स्वाद का बेजोड़ संगम
कच्चे आम में विटामिन-C की भरपूर मात्रा होती है। जब इसे गुड़ और पाचक मसालों जैसे—मेथी, सौंफ और हींग के साथ पकाया जाता है, तो यह एक बेहतरीन ‘ऐपेटाइज़र’ बन जाता है। इसे आप रोटी, परांठे या पूरी के साथ लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं।
घर पर कैसे बनाएं? देखें सबसे आसान विधि
- 2 मध्यम आकार के कच्चे आम
- 1 चम्मच घी या सरसों का तेल
- तड़के के लिए: हींग, मेथी दाना, सौंफ और जीरा
- मसाले: हल्दी, धनिया पाउडर, नमक और हरी मिर्च
- मिठास के लिए: गुड़ या चीनी
बनाने का तरीका:
- एक कड़ाही में घी या तेल गरम करें। इसमें हींग, मेथी दाना और सौंफ का छौंक लगाएं। ये मसाले पेट को ठंडक प्रदान करते हैं।
- अब कटे हुए कच्चे आम डालें। साथ ही हल्दी, धनिया पाउडर और हरी मिर्च डालकर इसे 1-2 मिनट तक चलाएं।
- आधा कप पानी और नमक डालकर कड़ाही को ढक दें। आम के टुकड़ों को धीमी आंच पर नरम होने दें।
- जैसे ही आम गल जाएं, इसमें गुड़ या चीनी डालें। इसे तब तक पकाएं जब तक कि चाशनी गाढ़ी होकर आम के टुकड़ों पर लिपट न जाए।
क्यों है यह खास?
गुड़ और आम का यह मिश्रण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में दोपहर के भोजन के साथ इसका सेवन करने से लू लगने का खतरा कम हो जाता है और जी मिचलाने जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।









