Jharkhand Tourism : मानसून टूरिज्म पर सरकार का फोकस, झारखंड को मिलेगी नई पर्यटन पहचान

Jharkhand Tourism : मानसून टूरिज्म पर सरकार का फोकस, झारखंड को मिलेगी नई पर्यटन पहचान

Johar News Times
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रांची : झारखंड सरकार राज्य को देश के प्रमुख मानसून पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। पर्यटन विभाग की योजना झारखंड को एक सुरक्षित और आकर्षक मानसून डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की है, ताकि बारिश के मौसम में भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचें। दरअसल, कई पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान भूस्खलन, बाढ़ और सड़क क्षति जैसी समस्याओं से पर्यटन प्रभावित होता है, जबकि झारखंड के अधिकांश पर्यटन स्थल अपेक्षाकृत सुरक्षित रहते हैं। इसी वजह से सरकार अब बारिश के मौसम को पर्यटन के नए अवसर के रूप में देख रही है।

बारिश के दौरान राज्य के झरने, पहाड़, जंगल और जलाशय अपनी प्राकृतिक सुंदरता के चरम पर होते हैं। हुंडरू, दशम, जोन्हा, लोध, पंचघाघ और हिरणी जलप्रपातों में पानी का बढ़ा हुआ प्रवाह पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। वहीं नेतरहाट, पारसनाथ और पतरातू घाटी जैसे स्थलों पर भी मानसून में पर्यटकों की रुचि बढ़ जाती है। पर्यटन विभाग केवल प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पर्यटन सीजन की अवधि बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। अब तक राज्य में पर्यटन का मुख्य सीजन अक्टूबर से फरवरी तक माना जाता था, लेकिन सरकार इसे जुलाई से फरवरी तक विस्तारित करने की योजना बना रही है। इससे होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल ऑपरेटर और स्थानीय बाजारों को लंबे समय तक कारोबार का अवसर मिलेगा।

सरकार का मानना है कि मानसून टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को भी विकसित किया जा रहा है। पर्यटन के बढ़ते दायरे का संकेत आंकड़ों से भी मिलता है। झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वर्ष 2024 में राज्य में लगभग 5.40 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे, जो 2023 की तुलना में करीब 51 प्रतिशत अधिक है। वहीं जनवरी से नवंबर 2025 के बीच 5.31 करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। देवघर स्थित बैद्यनाथ मंदिर में आयोजित श्रावणी मेले के दौरान हर वर्ष लगभग 50 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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