झारखंड: राज्य वित्त आयोग होगा और भी सशक्त, 2029 तक नए पदों के सृजन को मिली हरी झंडी

2029 तक पदों के सृजन को मंजूरी, अब नहीं रुकेंगे आयोग के काम।

Johar News Times
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झारखंड सरकार ने राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य वित्त आयोगके कार्यालय को सुदृढ़ बनाने और कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से सरकार ने नए पदों के सृजन को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार, यह व्यवस्था पंचम राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल, यानी 27 जनवरी 2029 तक प्रभावी रहेगी।

संशोधित पद और सुचारु संचालन

सरकार के इस फैसले के तहत, कार्यालय के सुचारु संचालन के लिए पूर्व में स्वीकृत 15 पदों के ढांचे में आवश्यक संशोधन किया गया है। आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से निम्नलिखित पदों की संख्या में वृद्धि की जा रही है:

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  • टंकक-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर

15वें वित्त आयोग की शर्तों का पालन

इस निर्णय के पीछे एक महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक कारण भी है। केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक, 15वें वित्त आयोग की अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए राज्य वित्त आयोग का समय पर गठन और उसकी अनुशंसाओं को विधानसभा पटल पर रखना एक अनिवार्य शर्त है। राज्य सरकार ने इसी बाध्यता और विकास कार्यों की गति को देखते हुए यह कदम उठाया है।

आउटसोर्सिंग और मानदेय का प्रावधान

संकल्प में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यालय के कुछ पदों पर नियुक्तियां आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएंगी। हालांकि, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इन कर्मियों का मानदेय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम दरों से कम नहीं होगा, जिससे कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके।

वित्तीय संसाधनों का होगा बेहतर बंटवारा

प्रशासी पदवर्ग समिति की अनुशंसा और कैबिनेट की मुहर के बाद लागू हुए इस फैसले से उम्मीद जताई जा रही है कि:

  1. राज्य वित्त आयोग के कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी।
  2. पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को वित्तीय संसाधनों का आवंटन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
  3. ग्रामीण और शहरी विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।

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