झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 : संपत्ति के मामले में सबसे आगे परिमल नथवाणी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा काफी पीछे

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 : संपत्ति के मामले में सबसे आगे परिमल नथवाणी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा काफी पीछे

Johar News Times
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झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी मुकाबले के बीच उम्मीदवारों द्वारा दाखिल शपथपत्रों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा सामने आया है। घोषित परिसंपत्तियों के अनुसार भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी सबसे अधिक संपत्ति वाले उम्मीदवार हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 400 करोड़ रुपये के करीब है। वहीं झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की संपत्ति चार करोड़ रुपये से कम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की संपत्ति एक करोड़ रुपये से भी कम है।

338 करोड़ रुपये के बॉन्ड, फिर भी नहीं है कोई कार

शपथपत्र के अनुसार परिमल नथवाणी के बैंक खातों में 11.58 करोड़ रुपये जमा हैं। उनके नाम पर 338.56 करोड़ रुपये के बॉन्ड हैं, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर 11.88 करोड़ रुपये के बॉन्ड दर्ज हैं। दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों की संपत्ति के बावजूद उनके नाम पर कोई कार नहीं है। पति-पत्नी के पास मिलाकर करीब 20.90 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण हैं। नथवाणी की व्यक्तिगत संपत्ति 367.39 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी की संपत्ति 28.79 करोड़ रुपये बताई गई है।

बैद्यनाथ राम के पास पत्नी से अधिक सोना-चांदी

झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम के पास 250 ग्राम सोना और 7 किलोग्राम चांदी है, जबकि उनकी पत्नी सीमा राय के पास 125 ग्राम सोना और 1 किलोग्राम चांदी दर्ज है। दंपत्ति के पास कुल मिलाकर 76 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषण हैं। इसके अलावा उनके नाम पर सफारी और स्कॉर्पियो समेत पांच वाहन भी हैं। उनकी कुल घोषित संपत्ति चार करोड़ रुपये से कम है।

प्रणव झा सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवार

कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा इस चुनाव में सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवार हैं। अविवाहित प्रणव झा के पास करीब 7 लाख रुपये मूल्य की कार और 3 लाख रुपये की ट्यूडोर घड़ी है। शपथपत्र के अनुसार उनके पास 1.10 लाख रुपये नकद और बैंक खातों में 14.62 लाख रुपये जमा हैं। चल-अचल संपत्तियों को मिलाकर उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 96 लाख रुपये है।

संपत्ति में बड़ा अंतर

तीनों प्रमुख उम्मीदवारों की घोषित संपत्तियों की तुलना करें तो परिमल नथवाणी की संपत्ति बैद्यनाथ राम की तुलना में लगभग 100 गुना अधिक है। वहीं प्रणव झा आर्थिक रूप से सबसे पीछे हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चर्चा में है।

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