झारखंड के किसानों और बैंक ऋणधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरायकेला-खरसावां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 9 मई 2026 को सरायकेला सिविल कोर्ट और चांडिल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान खास तौर पर एनपीए (Non-Performing Asset) खाताधारकों और पुराने केसीसी ऋणधारकों को राहत देने की तैयारी की गई है।
NPA खाताधारकों को मिलेगा OTS का लाभ
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के एनपीए खाताधारकों को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के तहत विशेष छूट दी जाएगी। जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM) वरुण चौधरी ने बताया कि यह उन किसानों और ऋणधारकों के लिए सुनहरा अवसर है, जो लंबे समय से बैंक के बकाया और कानूनी प्रक्रिया में उलझे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए आपसी सहमति से ऋण विवादों का सरल और त्वरित समाधान किया जाएगा, जिससे खाताधारक अपने पुराने ऋण का निपटारा कर सकेंगे।
दोबारा शुरू हो सकेगी KCC क्रेडिट लिमिट
एलडीएम ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार की पूर्व ऋण माफी योजना का लाभ केवल 31 मार्च 2020 तक के “स्टैंडर्ड” केसीसी खातों को मिला था। ऐसे में एनपीए घोषित खाताधारक इस योजना से वंचित रह गए थे।
अब लोक अदालत में समझौते के जरिए बकाया निपटाने वाले किसानों को दोबारा केसीसी (KCC) ऋण सुविधा और क्रेडिट लिमिट का लाभ मिल सकेगा।
ब्याज अनुदान का भी मिलेगा फायदा
अधिकारियों के अनुसार, नियमित रूप से खाता संचालन करने वाले किसानों को केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान (Subvention) का लाभ भी मिलेगा। इससे किसानों को कम ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध हो सकेगा।
सरायकेला और चांडिल कोर्ट में लगेगा विशेष शिविर
प्राधिकरण की ओर से जिले के सभी बैंक ऋणधारकों से अपील की गई है कि वे 9 मई को सरायकेला या चांडिल कोर्ट पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत ऋण संबंधी विवादों के समाधान का सबसे सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण मंच है, जहां बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के मामलों का निपटारा किया जा सकता है।











