रांची: झारखंड में मानसून से ठीक पहले का मौसम लोगों के लिए काल साबित हो रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में तीन महिलाएं और एक 10 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी वज्रपात, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया है।
खेतों में काम करने के दौरान हुए सबसे ज्यादा हादसे
मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश हादसे उस वक्त हुए जब ग्रामीण खेतों में या किसी खुले स्थान पर अपने रोजमर्रा के काम कर रहे थे। अचानक बदले मौसम और बादलों की भीषण गर्जना के बीच गिरी आकाशीय बिजली ने पल भर में सब कुछ तबाह कर दिया। स्थानीय प्रशासन अब प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
रांची और गढ़वा में सबसे ज्यादा तबाही
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, इस आसमानी आफत से सबसे ज्यादा प्रभावित रांची और गढ़वा जिले हुए हैं, जहां दो-दो लोगों की जान गई है:
- रांची : पिठौरिया थाना क्षेत्र के बड़हू गांव निवासी जीतू महली (55 वर्ष) और कटमकुली गांव की निराशा देवी (33 वर्ष) खेत में धान/फसल के काम के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गए।
- गढ़वा: यहाँ भी अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली ने दो लोगों की जान ले ली।
मासूम बच्चे और महिलाओं की मौत से पसरा मातम
मृतकों में तीन महिलाओं और एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ये सभी ग्रामीण इलाकों में घरेलू और खेती-बारी के कार्यों के लिए बाहर निकले थे। घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। जिला प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को पीड़ित परिवारों से संपर्क कर तत्काल सरकारी मुआवजा और सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: अभी टला नहीं है खतरा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, प्री-मौसम गतिविधियों के कारण वायुमंडल में अत्यधिक अस्थिरता बनी हुई है। आगामी कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात होने की पूरी आशंका है।
प्रशासन की अपील: बरतें सावधानी, सतर्कता ही बचाव है राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने ग्रामीणों, विशेषकर किसानों से अपील की है कि:
- मौसम खराब होने या बादलों की गड़गड़ाहट सुनते ही तुरंत खुले खेतों, तालाबों और पेड़ों के नीचे से हट जाएं।
- पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
- खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और मोबाइल टावरों से दूरी बनाए रखें।
