ओमान के रास अल हद्द तट के पास गहरे समंदर में संकट में फंसी एक भारतीय नौका पर सवार सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह हादसा 14 जून 2026 की सुबह तट से करीब 80 समुद्री मील पूर्व में हुआ, जब नौका में तकनीकी खराबी आने के बाद उसके डूबने का खतरा मंडराने लगा था।
अमेरिकी नौसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन: आसमान से गिराई लाइफबोट
स्थिति बेहद गंभीर थी, जिसे देखते हुए अमेरिकी नौसेना का समुद्री निगरानी विमान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। विमान ने समुद्र में सीधे एक जीवनरक्षक नौका उतारी, जिसकी मदद से सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से वहां से निकाला गया। इसके तुरंत बाद आसपास के अन्य जहाजों को भी अलर्ट कर बचाव अभियान से जोड़ा गया।
मुंबई आ रहे ‘एमवी जबल अली-9’ ने बदला अपना रास्ता
अमेरिकी नौसेना के अलावा इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सेंट किट्स एंड नेविस के ध्वज वाले मर्चेंट शिप “एमवी जबल अली-9” ने भी बड़ी भूमिका निभाई। यह व्यापारिक जहाज सोहर बंदरगाह से मुंबई की ओर आ रहा था, लेकिन जैसे ही उसे संकट का संदेश मिला, उसने तुरंत अपना मार्ग बदला और नाविकों की जान बचाने के लिए मौके पर पहुंच गया।
मिड-सी संकट की वजह: इंजन हुआ फेल
ओमान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नौका के इंजन में अचानक आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण यह आपातकालीन स्थिति पैदा हुई। इंजन पूरी तरह बंद होने के बाद लहरों के बीच नौका अनियंत्रित और असुरक्षित हो गई थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते चालक दल के सभी सदस्य लाइफबोट तक पहुंचने में कामयाब रहे।
लगातार नजर बनाए हुए थीं भारतीय एजेंसियां
समंदर के बीच हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय नौसेना और संबंधित भारतीय अधिकारियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया था। भारतीय एजेंसियों ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अंतरराष्ट्रीय बचाव टीमों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा और हर पल की अपडेट ली। फिलहाल सभी 14 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
