नई दिल्ली : भारत को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) मिल गया है। जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने रविवार को देश के तीसरे सीडीएस के रूप में पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय, स्वदेशी रक्षा क्षमता और नवाचार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। पदभार ग्रहण करने के बाद जनरल सुब्रमणि ने नई दिल्ली स्थित National War Memorial पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद साउथ ब्लॉक में उन्हें त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
‘JAI’ विजन पर रहेगा फोकस
नए सीडीएस ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल प्रधानमंत्री के ‘JAI’ विजन—जॉइंटनेस (Jointness), आत्मनिर्भरता (Atma Nirbharta) और इनोवेशन (Innovation)—को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल और एकीकृत संचालन क्षमता विकसित करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास, उत्पादन और तैनाती की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
थिएटराइजेशन और सैन्य सुधारों को मिलेगी गति
जनरल सुब्रमणि ऐसे समय में सीडीएस बने हैं जब भारतीय सशस्त्र बल ‘थिएटराइजेशन’ जैसे बड़े सैन्य सुधारों पर काम कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य तीनों सेनाओं के संसाधनों और क्षमताओं को एकीकृत कर भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक प्रभावी सैन्य ढांचा तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

चार दशक का शानदार सैन्य अनुभव
चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर वाले जनरल राजा सुब्रमणि को भारतीय सेना के अनुभवी और सम्मानित अधिकारियों में गिना जाता है। वर्ष 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह 2 कोर कमांडर, सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी, उप सेना प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर भी जोर
नए सीडीएस ने सेवा में तैनात जवानों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने सेना के सभी रैंकों से बदलते समय के अनुरूप खुद को ढालने, सैन्य मूल्यों को बनाए रखने और उत्कृष्टता की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
नौसेना को भी मिला नया प्रमुख
इसी दिन एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने भारतीय नौसेना प्रमुख का पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में चुनौतियों के बावजूद भारतीय नौसेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
