झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड अंतर्गत कटैया पंचायत के भाखरा गांव में शुक्रवार की रात जंगली हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के इस हमले में एक 47 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है, जबकि कई घरों और एक स्कूल को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग के प्रति ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है।
सड़क पर अचानक हुआ हमला, जिंदगी और मौत के बीच जंग जानकारी के अनुसार, भाखरा गांव निवासी पृथ्वी सिंह (47 वर्ष) शुक्रवार रात बासोडीह बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर सड़क पर खड़े एक हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें उठाकर पटक दिया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। किसी तरह जान बचाकर उन्होंने ग्रामीणों को शोर मचाकर जानकारी दी। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें कोडरमा सदर अस्पताल और फिर वहां से रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया है।
स्कूल और घरों में मची तबाही हाथियों ने केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि संपत्तियों को भी निशाना बनाया। झुंड ने गांव के एक विद्यालय के कार्यालय का दरवाजा तोड़कर अंदर रखी अलमारी और अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिए। इसके अलावा, 80 वर्षीय राजा सिंह के घर का दरवाजा तोड़कर हाथियों ने वहां रखा सारा गेहूं खा लिया और अनाज बर्बाद कर दिया। वहीं, बाले राम के घर की दीवारें भी हाथियों ने गिरा दीं।
वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में हाथियों का आतंक नया नहीं है, पहले भी यहाँ एक युवक की जान जा चुकी है। बार-बार सड़क जाम और प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर हाथियों को खदेड़ने और मुआवजे को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।









