हेमंत सरकार की शिक्षा पहल: सरकारी स्कूलों के छात्रों को मुफ्त कापियां, मेधावियों को 75 हजार तक छात्रवृत्ति

हेमंत सरकार की शिक्षा पहल: सरकारी स्कूलों के छात्रों को मुफ्त कापियां, मेधावियों को 75 हजार तक छात्रवृत्ति

Johar News Times
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नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बड़ी सौगात, ग्राम शिक्षा संगम के जरिए छुट्टियों में भी पढ़ाई से जुड़े रहेंगे बच्चे

रांची: झारखंड सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं को अब निशुल्क नोटबुक (कापियां) उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 10 हजार से 75 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति भी मिलेगी। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियों के दौरान सरकारी स्कूलों में ग्राम शिक्षा संगम का आयोजन कर बच्चों को पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़े रखने की योजना बनाई गई है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार पहली से 12वीं कक्षा तक के सरकारी विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को स्कूल किट योजना के तहत 120 पृष्ठों वाली नोटबुकें दी जाएंगी। इसके साथ ही गैर-सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों, वित्त सहित अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों, मदरसा और संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।

कक्षावार मिलेगी नोटबुक की सुविधा

योजना के तहत पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी और गणित की एक-एक नोटबुक दी जाएगी। तीसरी से पांचवीं तक के छात्रों को हिंदी की तीन और गणित की दो कापियां मिलेंगी। छठी से आठवीं तक हिंदी की सात और गणित की तीन नोटबुकें उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को कुल दस नोटबुकें दी जाएंगी। कापियों के वितरण और भंडारण की निगरानी के लिए प्रखंड और विद्यालय स्तर पर भंडार पंजी तैयार की जाएगी। वितरण के दौरान विद्यार्थियों अथवा अभिभावकों के हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

मेधावी छात्रों को मिलेगी 75 हजार तक की छात्रवृत्ति

सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन (एसडीएफ) की ओर से संचालित विद्याधन छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के तहत चयनित छात्रों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान दो वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्नातक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रतिवर्ष 20 हजार से 75 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों के 10वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक तथा दिव्यांग छात्रों के लिए 60 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदन की अंतिम तिथि 5 जुलाई निर्धारित की गई है।

गर्मी की छुट्टियों में होगा ग्राम शिक्षा संगम

राज्य शिक्षा परियोजना परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को छुट्टियों में भी पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए ग्राम शिक्षा संगम कार्यक्रम शुरू किया है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 500 रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को खेल-खेल में सीखने, पुस्तक पठन, रचनात्मक गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने की योजना है। कम से कम पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना और अवकाश के दौरान भी सीखने की प्रक्रिया को जारी रखना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन पहलों से न केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन मिलेंगे, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा की राह भी आसान होगी।

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