चांडिल: सिंहभूम कॉलेज, चांडिल में नए शैक्षणिक सत्र से कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा और क्षेत्र में कुड़मालि भाषा की उच्च शिक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। ज्ञापन में कहा गया है कि चांडिल अनुमंडल का सिंहभूम कॉलेज क्षेत्र का एकमात्र प्रमुख महाविद्यालय है। अनुमंडल के अधिकांश मध्य विद्यालयों, उच्च विद्यालयों और प्लस-टू विद्यालयों में लंबे समय से कुड़मालि भाषा की पढ़ाई हो रही है, लेकिन उच्च शिक्षा स्तर पर इस भाषा के अध्ययन की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कुड़मालि विषय की पढ़ाई के लिए छात्रों को 70 से 80 किलोमीटर दूर अन्य शिक्षण संस्थानों का रुख करना पड़ता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। मधुश्री महतो ने कहा कि कुड़मालि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र की मातृभाषा और आम बोलचाल की प्रमुख भाषा है, जिसे विभिन्न समुदायों के लोग समान रूप से बोलते और समझते हैं। इसके बावजूद सिंहभूम कॉलेज में अब तक इस विषय की पढ़ाई शुरू नहीं होना चिंताजनक है।
उन्होंने प्राचार्य से क्षेत्र के विद्यार्थियों के हित, अभिभावकों की मांग और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए शैक्षणिक सत्र से कुड़मालि भाषा विषय शुरू करने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी सुनील कुमार महतो, डॉ. विभीषण महतो, पंचानन महतो, बिमल चंद्र महतो समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
