झारखंड के लातेहार जिला में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों और उनके परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बारियातु थाना परिसर में समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बारियातु और हेरहंज थाना क्षेत्र के आत्मसमर्पित नक्सली और उनके परिजन शामिल हुए। बैठक के दौरान सरकार की पुनर्वास योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें देय अनुदान राशि, जमीन आवंटन, बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर, कानूनी सहायता (वकील का खर्च), स्वास्थ्य सुविधाएं, आयुष्मान कार्ड और बीमा सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल रहीं।

इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके परिजनों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। कुल 10 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 3 शिक्षा शुल्क से संबंधित, 3 जीवन बीमा, 2 वकील की सुविधा और 2 स्वनियोजन (रोजगार) से जुड़े थे। अधिकारियों ने सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें हेरहंज प्रखंड विकास पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), एसडीपीओ बालूमाथ तथा संबंधित थानों के प्रभारी शामिल थे। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।









