देश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री के पार जा चुका है। बढ़ती गर्मी और लू (Heatwave) ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह मौसम सामान्य लोगों के लिए तो चुनौतीपूर्ण है ही, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर (High BP) और शुगर (Diabetes) के मरीजों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है।
थोड़ी सी लापरवाही इन मरीजों की किडनी और लिवर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
क्यों बढ़ जाता है खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को पहले से ही बीपी या शुगर की समस्या है, उनका शरीर बाहरी तापमान के साथ तालमेल बिठाने में कमजोर पड़ जाता है।
- किडनी पर असर: शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिसका सीधा दबाव किडनी पर पड़ता है।
- शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव: डिहाइड्रेशन के कारण शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है, जो शरीर के आंतरिक अंगों को डैमेज कर सकता है।
- ब्लड प्रेशर: पसीने के जरिए शरीर से सॉल्ट और पानी निकलने से बीपी कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा हो सकता है, जिससे चक्कर आने या बेहोशी की समस्या बढ़ जाती है।
दोपहर 11 से 4 बजे तक रहें अलर्ट
डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। यह समय सबसे घातक होता है। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े से ढककर रखें और शरीर को पूरी तरह कवर करने वाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
बचाव के लिए अपनाएं ये डाइट टिप्स:
- ज्यादा पानी वाले फल: तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी का भरपूर सेवन करें।
- नेचुरल ड्रिंक्स: सादे पानी के अलावा नींबू पानी, बेल का शरबत या छाछ पिएं।
- शुगर से दूरी: पैकेट बंद जूस या अधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रहें, क्योंकि ये शुगर लेवल बिगाड़ सकते हैं।
- नियमित चेकअप: बीपी और शुगर की जांच नियमित अंतराल पर करते रहें और दवाएं समय पर लें।
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
अगर आपको पेशाब कम आने लगे, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, भूख न लगे या बार-बार चक्कर आएं, तो इसे मामूली थकान न समझें। ये संकेत किडनी पर पड़ रहे बुरा असर के हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हार्ट या किडनी के गंभीर मरीज पानी की सही मात्रा के लिए अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।










