अगर आप सोचते हैं कि ब्रश न करने से सिर्फ दांत पीले होंगे या मुँह से बदबू आएगी, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। एक अंतरराष्ट्रीय रिसर्च ने ऐसा खुलासा किया है जिसे जानकर आप आज ही दो बार ब्रश करना शुरू कर देंगे। आपके मुँह में छिपा एक छोटा सा बैक्टीरिया हार्ट अटैक के बाद आपके बचने की उम्मीदों को खत्म कर सकता है।
हार्ट का ‘दुश्मन’ है मुँह का यह बैक्टीरिया
जापान की टोक्यो मेडिकल एंड डेंटल यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी के अनुसार, मुँह में पाया जाने वाला ‘जिंजिवालिस’ नाम का बैक्टीरिया आपके खून के जरिए दिल तक पहुँच जाता है। यह बैक्टीरिया एक खास तरह का जहर छोड़ता है जिसे ‘जिंजिपेन’ कहते हैं। यह ‘जिंजिपेन’ हार्ट अटैक के बाद दिल की मरम्मत करने वाली नेचुरल प्रोसेस को लॉक कर देता है।

क्यों है यह इतना डरावना?
हमारा शरीर किसी भी चोट या बीमारी के बाद खुद को ठीक करने के लिए ‘ऑटोफैगी’ प्रक्रिया का इस्तेमाल करता है। आसान भाषा में कहें तो सेल्स अपने अंदर की गंदगी को साफ करके खुद को नया बनाती हैं।
- विलेन की एंट्री: मुँह का बैक्टीरिया इस सफाई अभियान को रोक देता है।
- नतीजा: हार्ट अटैक के बाद दिल की सेल्स मरना शुरू हो जाती हैं और रिकवरी नामुमकिन हो जाती है।
- स्टडी का दावा: चूहों पर हुए लैब टेस्ट में देखा गया कि मसूड़ों की बीमारी वाले चूहों का दिल हार्ट अटैक के बाद बुरी तरह डैमेज हो गया।
क्या आप भी कर रहे हैं ये गलतियाँ?
अगर आपके मसूड़ों से खून आता है या सूजन रहती है, तो समझ लीजिए कि यह बैक्टीरिया आपके शरीर में एक्टिव है। यह न सिर्फ दांत गिरा सकता है, बल्कि आपके हार्ट को हमेशा के लिए कमजोर कर सकता है।
आज से ही बदलें ये आदतें:
- सुबह और रात: दोनों वक्त ब्रश करना अब चॉइस नहीं, जरूरत है।
- टंग क्लीनिंग: जीभ पर जमा सफेद परत बैक्टीरिया का घर है, इसे साफ रखें।
- चेकअप: मसूड़ों में दर्द या खून आने को नजरअंदाज न करें, यह हार्ट अटैक का ‘इनडायरेक्ट’ सिग्नल हो सकता है।
मुँह की सफाई सिर्फ चमकते दांतों के लिए नहीं, बल्कि धड़कते हुए दिल के लिए भी जरूरी है!









