जिले के चांडिल अंचल कार्यालय से जारी BLA-2 (बूथ लेवल एजेंट) की सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अंचल कार्यालय द्वारा जारी आजसू पार्टी की सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है। सबसे ज्यादा विवाद ईचागढ़ विधानसभा के अंतर्गत आने वाले करीब 50 नामों को लेकर है, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अंचल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया के तहत सभी राजनीतिक दलों से बूथ स्तर पर BLA-2 के लिए कार्यकर्ताओं की सूची मांगी थी। इसी प्रक्रिया के तहत आजसू पार्टी ने भी चांडिल अंचल को करीब 250 बूथों के लिए अपने कार्यकर्ताओं के नामों की सूची सौंपी थी।
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंचल कार्यालय से जो फाइनल “List Of BLA2 AJSU 50 Ichagarh” जारी की गई है, उसमें भारी फेरबदल किया गया है। इस वायरल लिस्ट में (विशेषकर बूथ नंबर 259 से 279 तक) कई सक्रिय भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर आजसू की सूची में शामिल कर दिए गए हैं। सूची में उनका ट्रेनिंग प्लेस ‘चांडिल ब्लॉक’ दर्ज है।
“क्या भाजपा-आजसू का विलय हो गया?” – कार्यकर्ताओं का तीखा सवाल
बिना सहमति के आजसू की लिस्ट में नाम डाले जाने से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंचल कार्यालय और आजसू दोनों को आड़े हाथों लिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है:
जिला प्रशासन ने सभी पार्टियों से अलग-अलग BLA-2 की सूची मांगी थी। लेकिन अंचल से निकली लिस्ट में बड़ा खेल हो गया। हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं के नाम आजसू की लिस्ट में कैसे आ गए? क्या आजसू को अपने कार्यकर्ता नहीं मिल रहे जो प्रशासन के साथ मिलकर यह फेरबदल किया जा रहा है? अंचल कार्यालय से इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई?”
कार्यकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि पहले हर बूथ से BLA-2 की सूची सीधे ली जाती थी, लेकिन अब पार्टीवार लिस्ट मांगने पर इस तरह की गड़बड़ी सामने आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि “क्या भाजपा और आजसू का विलय हो गया है” जो नाम आपस में बदल दिए गए? इस गड़बड़ी के कारण जमीनी स्तर पर संगठन और आम जनता के बीच भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
अंचल प्रशासन की भूमिका पर सवाल, जांच की मांग
BLA-2 जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील सूची में नामों की इस तरह अदला-बदली ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने चांडिल अंचल कार्यालय की कार्यशैली को संदेहास्पद बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रशासन का रुख: फिलहाल इस पूरे विवाद और आरोपों पर चांडिल अंचल कार्यालय या सरायकेला जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और इस पर आजसू पार्टी का क्या रुख रहता है।
