कोल्हान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक सर्जरी: बड़े पैमाने पर तबादले, डॉ. अमर सिंह का महीने भर में दूसरा ट्रांसफर

कोल्हान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक हलचल: सुधार की कोशिश या आपसी खींचतान?

Johar News Times
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कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर शिक्षकों और प्राचार्यों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 10(11) के तहत आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस फेरबदल में कई कॉलेजों के चेहरे बदल गए हैं, लेकिन सबसे अधिक चर्चा डॉ. अमर सिंह के बार-बार हो रहे तबादले को लेकर है।

डॉ. अमर सिंह का तबादला बना चर्चा का विषय

विश्वविद्यालय के इस हालिया आदेश में डॉ. अमर सिंह का नाम केंद्र में है। महज एक महीने के भीतर उनका यह दूसरा स्थानांतरण है।

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  • सफर: कोऑपरेटिव कॉलेज ➔ टाटा कॉलेज (चाईबासा) ➔ डिग्री कॉलेज (जगन्नाथपुर)।
  • चर्चा: कैंपस गलियारों में चर्चा है कि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अनबन डॉ. सिंह के इन त्वरित तबादलों की मुख्य वजह हो सकती है। अब उन्हें जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया है।

डॉ. रिंकी दोराई को टाटा कॉलेज की कमान

चाईबासा स्थित टाटा कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल के रूप में डॉ. रिंकी दोराई को नियुक्त किया गया है। डॉ. दोराई इससे पहले राजनीति विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर थीं और विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं।


नीचे दी गई तालिका मुख्य स्थानांतरणों को दर्शाती है:

नामकहाँ सेकहाँ तबादला
डॉ. नीता सिन्हावर्कर्स कॉलेज, जमशेदपुरकोऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर
डॉ. मो. नजरुल इस्लामडिग्री कॉलेज, जगन्नाथपुरवर्कर्स कॉलेज, जमशेदपुर
पंकज श्रीवास्तवमॉडल कॉलेज, खरसावांटाटा कॉलेज, चाईबासा
डॉ. ब्रजेश कुमारविवि पीजी विभाग (सप्ताह में 3 दिन)

अतिरिक्त प्रभार रद्द, नई व्यवस्था लागू

तबादलों के साथ-साथ विश्वविद्यालय ने अतिरिक्त प्रभारों की समीक्षा भी की है:

  • डॉ. लाडली कुमारी और डॉ. बसंत शुभंकर के विभिन्न कॉलेजों में चल रहे अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।
  • डॉ. ब्रजेश कुमार को अब सप्ताह के तीन दिन (सोमवार, बुधवार और शुक्रवार) विश्वविद्यालय के पीजी रसायन विज्ञान विभाग में अपनी सेवाएं देनी होंगी, ताकि शैक्षणिक एवं विभागीय कार्यों में तेजी लाई जा सके।

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