धनबाद। झारखंड की राजनीति में समय-समय पर अपने बयानों से भूचाल लाने वाले जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। धनबाद के सोनारडीह में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहें तो कांग्रेस और भाजपा, दोनों के बिना सरकार चला सकते हैं। सरयू राय ने इसके लिए हेमंत सोरेन को अपना ‘बिना शर्त समर्थन’ देने की भी घोषणा कर दी है।
मैजिक नंबर का खेल: कांग्रेस को बाहर करने की रणनीति?
सरयू राय ने विधानसभा के गणित को समझाते हुए दावा किया कि झामुमो (JMM) को सरकार चलाने के लिए अब कांग्रेस की बैसाखी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा:
“हेमंत सोरेन के पास वर्तमान में पर्याप्त संख्या बल है। अगर झामुमो, राजद (RJD) और माले एकजुट हो जाएं, तो वे बहुमत के बेहद करीब पहुंच सकते हैं। हमारे जैसे कुछ अन्य विधायक भी उन्हें बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं। ऐसे में कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखा जा सकता है।”
कांग्रेस पर बरसे सरयू राय: “सहयोगियों को केवल इस्तेमाल करती है पार्टी”
सरयू राय ने कांग्रेस और झामुमो के बीच असम चुनाव को लेकर चल रही तनातनी पर चुटकी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल अपने स्वार्थ के लिए गठबंधन करती है।
- बिहार का हवाला: उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में कांग्रेस ने झामुमो को सम्मानजनक सीटें नहीं दीं।
- असम की खींचतान: अब असम चुनाव में भी वही स्थिति दोहराई जा रही है, जिससे गठबंधन की विश्वसनीयता खत्म हो रही है।
- तल्ख तेवर: हाल के दिनों में झामुमो नेताओं द्वारा कांग्रेस को लेकर की गई तीखी बयानबाजी (विषैला सांप जैसे शब्द) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह गठबंधन अब केवल नाम का रह गया है।
क्यों अहम है यह बयान?
सरयू राय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन (JMM-Congress-RJD) के भीतर समन्वय की कमी साफ दिख रही है। अगर हेमंत सोरेन इस ‘मैजिक नंबर’ के फार्मूले पर विचार करते हैं, तो झारखंड की राजनीति में 16 कांग्रेसी विधायक सत्ता से बाहर हो सकते हैं, जबकि 21 विधायकों वाली भाजपा पहले से ही विपक्ष में है।
निष्कर्ष
हालांकि, सरयू राय ने यह भी जोड़ा कि राजनीति में “कल क्या होगा” कहना मुश्किल है और संभव है कि चुनाव के बाद कांग्रेस और झामुमो फिर से अपनी कड़वाहट भुलाकर साथ आ जाएं। लेकिन फिलहाल, उनके इस प्रस्ताव ने रांची से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
ब्यूरो रिपोर्ट, धनबाद।










