प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी के करीबी सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पंजाब के SAS नगर (मोहाली) और चंडीगढ़ में तीन अलग-अलग स्थानों पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत की गई।
छापेमारी के दौरान खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स आवासीय सोसायटी में ईडी को बड़ी सफलता मिली, जहां जांच के दौरान दो बैग जब्त किए गए। इन बैगों में कथित तौर पर करीब 20 लाख रुपये नकद थे। बताया गया कि ईडी के पहुंचने से पहले ही फ्लैट में मौजूद लोगों ने ये बैग इमारत की नौवीं मंजिल से नीचे फेंक दिए थे।
ईडी अधिकारियों के अनुसार जैसे ही टीम फ्लैट नंबर 906 में पहुंची, नकदी से भरे बैग नीचे फेंके गए। इसके बाद ईडी ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बैगों को अपने कब्जे में ले लिया और नीचे बिखरे नोटों के बंडलों को भी एकत्र किया।
12 जगहों पर एक साथ छापेमारी
ईडी ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस जांच के दायरे में अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, एटलस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगी शामिल हैं।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने GMADA से CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज) लाइसेंस लेने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं और आम जनता को धोखा देकर सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी की।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी
जांच एजेंसी नितिन गोहल के ठिकानों पर भी कार्रवाई कर रही है। आरोप है कि नितिन गोहल उन बिल्डरों की मदद कर रहे थे, जिन्होंने GMADA की फीस का भुगतान नहीं किया और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिलाने में भूमिका निभाई।
बताया जा रहा है कि नितिन गोहल, मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुमन के करीबी सहयोगी हैं। उन पर यह भी संदेह है कि वे पंजाब सीएमओ में एक संपर्क अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे थे।











