गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने समाहरणालय स्थित सभागार में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व नक्सलियों के साथ आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके पुनर्वास, सुरक्षा और वर्तमान आजीविका की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
मुलाकात का मुख्य उद्देश्य सरकार की सरेंडर नीति के तहत पूर्व नक्सलियों को मिल रहे लाभों की समीक्षा करना था। इसमें प्रोत्साहन राशि, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आवास सुविधा और पारिवारिक सहायता जैसे पहलुओं पर चर्चा की गई। एसपी ने यह भी जाना कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें जीवनयापन में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है।
एसपी आशुतोष शेखर ने पूर्व नक्सलियों को आश्वस्त किया कि गढ़वा पुलिस उनके बेहतर भविष्य और पुनर्वास के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने उनके शांतिपूर्ण जीवन की सराहना करते हुए उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बने रहने के लिए प्रेरित किया। एसपी ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना ही बेहतर जीवन का सही विकल्प है।
बैठक के दौरान एसपी ने यह भी संदेश दिया कि अभी भी संगठन में सक्रिय अन्य लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे, उन्हें समाज से जोड़ने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य करेगा। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) राहुल देव बड़ाइक भी मौजूद थे।









