झारखंड: झारखंड कांग्रेस में इन दिनों अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के खिलाफ खुलकर बयान देने वाले वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से पार्टी की अनुशासन समिति पर सवाल उठने लगे हैं।
‘एक जैसा मामला, अलग कार्रवाई’ पर विवाद
गौरतलब है कि इसी तरह के मामले में अप्रैल में पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव को तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने फेसबुक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
अब तुलना इस बात को लेकर हो रही है कि जहां साव पर तत्काल कार्रवाई हुई, वहीं राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।
अनुशासन समिति की ‘चुप्पी’ पर सवाल
इस पूरे मामले में कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, समिति का कहना है कि उन्हें अभी तक किसी भी तरह की लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पार्टी संविधान के तहत बिना औपचारिक शिकायत के कार्रवाई संभव नहीं है।
आलाकमान के पास मामला
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पूरा मामला पार्टी आलाकमान के संज्ञान में है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित पत्र प्रदेश प्रभारी को भेजा गया है, इसलिए इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।










