सरायकेला जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डिलीवरी के दौरान मां और नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना पर स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन
घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए मंत्री ने कहा कि टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन किया जाना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी विफलता है। इस मामले में तत्काल प्रभाव से अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को बिना ढिलाई के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सिविल सर्जन को चेतावनी
मामले में सिविल सर्जन को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। खास बात यह है कि अस्पताल में डीजी सेट और इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था होने के बावजूद ऐसी घटना सामने आना पूरी तरह अस्वीकार्य बताया गया है।
“लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि “आपको जनता की सेवा के लिए नियुक्त किया गया है, न कि लापरवाही के लिए। गरीबों की जान के साथ खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
जांच और औचक निरीक्षण के निर्देश
उपायुक्त को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने और अस्पतालों का नियमित औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी ANM और GNM को भी अपने कार्य में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।











