पथ निर्माण विभाग द्वारा एनएच-75ई तक किए जा रहे सड़क निर्माण को लेकर उपजा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। मंगलवार को सांसद जोबा माझी ने चक्रधरपुर प्रखंड के बोड़दा गांव का दौरा कर प्रभावित रैयतों से मुलाकात की। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बाद सांसद ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर किसी भी ग्रामीण को बेघर होने नहीं दिया जाएगा।
क्या है मुख्य विवाद?
सड़क चौड़ीकरण के दौरान कई ग्रामीणों की निजी भूमि और घर जद में आ रहे थे। ग्रामीणों को डर था कि सड़क के अत्यधिक विस्तार से वे भूमिहीन हो जाएंगे। इसे लेकर ग्रामीणों ने सांसद से हस्तक्षेप की मांग की थी।
ग्रामीणों ने रखी अपनी शर्तें
सांसद के साथ हुई वार्ता में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा:
- सड़क की चौड़ाई 18 फीट से अधिक न रखी जाए।
- गांव के बीच में पीसीसी सड़क के बजाय केवल पिच रोड का निर्माण हो।
- जल जमाव से बचने के लिए सड़क के किनारे नाली का निर्माण कराया जाए।
सांसद का आश्वासन: ‘दिशा’ की बैठक में उठेगा मुद्दा
सांसद जोबा माझी ने मौके पर ही चल रहे निर्माण कार्य का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा:”ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध सड़क का निर्माण नहीं होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि क्षेत्र का विकास भी हो और किसी का आशियाना या उपजाऊ जमीन व्यर्थ न जाए। मैं आगामी जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखूंगी।”









