रोजगार और सेटलमेंट की मांग पर रामकृष्ण फोर्जिंग यूनिट-2 गेट पर पूर्व कर्मियों का धरना,
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित रामकृष्ण फोर्जिंग कास्टिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (यूनिट-2) के मुख्य द्वार पर मंगलवार को पूर्व कर्मचारियों ने रोजगार और बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। धरने में शामिल मजदूरों ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिग्रहण के समय दिए गए आश्वासन अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पूर्व में संचालित जेएमटी प्राइवेट लिमिटेड के बंद होने के बाद कंपनी का संचालन रामकृष्णा ग्रुप द्वारा संभाला गया था। उस दौरान पुराने और कुशल कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्नियोजन का भरोसा दिया गया था। हालांकि, मजदूरों का दावा है कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें काम पर नहीं रखा गया और न ही उनके बकाया—जैसे पीएफ और ग्रेच्युटी—का पूर्ण भुगतान किया गया है।
मजदूरों का आरोप
धरने में शामिल श्रमिकों ने कहा कि प्लांट में उत्पादन गतिविधियां जारी हैं, इसके बावजूद स्थानीय और पूर्व कर्मियों को दरकिनार कर बाहरी श्रमिकों को ठेका आधार पर काम दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र के बेरोजगार मजदूरों में असंतोष बढ़ रहा है।
आर्थिक संकट गहराया
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि रोजगार के अभाव में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है, बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है और कई लोग कर्ज के बोझ तले दबे हैं।
15 दिन का अल्टीमेटम
मजदूरों ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार और बकाया भुगतान पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को तेज करते हुए अनिश्चितकालीन धरना और उत्पादन बाधित करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बढ़ते विरोध को देखते हुए जल्द वार्ता की संभावना जताई जा रही है।










