सरायकेला-खरसावां। राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में जच्चा और नवजात शिशु की मौत के मामले ने जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है। उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
गठित कमेटी में सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह और सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति मांझी को शामिल किया गया है। टीम को घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने और किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही की पहचान कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्वाइंटर:
- CHC राजनगर में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला
- DC के निर्देश पर बनी जांच कमेटी
- अस्पताल की सुविधाओं और स्टाफ की जांच
- 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

सोमवार को उपायुक्त की मौजूदगी में कमेटी ने CHC राजनगर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं, उपकरणों की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, बिजली और जनरेटर बैकअप, ऑन-ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। साथ ही मरीज के इलाज से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला गया।
उपायुक्त ने मृतका बिनीता बानरा के परिजनों से मुलाकात कर उनका बयान दर्ज किया और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि लापरवाही, कर्तव्यहीनता या संसाधनों की कमी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 24×7 बिजली, आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।











