TMC की हार पर बोले हुमायूं कबीर: ‘ममता ने भतीजे को ज्यादा अधिकार दिए, जनता को लूटा’

Johar News Times
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस बीच बाबरी मस्जिद की नींव रखने की घोषणा कर सुर्खियों में आए पूर्व टीएमसी विधायक और अब आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता को टीएमसी की हार पर बधाई देते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। हुमायूं कबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अत्यधिक अधिकार दिए, जिससे पार्टी में असंतोष बढ़ा और जनता का भरोसा टूटा।

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उन्होंने आरोप लगाया, “ममता बनर्जी तीन बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन उन्होंने लोगों को धोखा दिया और जनता का पैसा लूटा। 15 वर्षों में जितनी लूट हुई, उतनी तो अंग्रेजों के 100-200 वर्षों में भी नहीं हुई।”

कबीर ने आगे कहा कि यह परिणाम पहले से तय था और जनता ने टीएमसी को करारा जवाब दिया है।

अपनी सीटों पर आगे चल रहे हुमायूं कबीर

टीएमसी से निष्कासित होने के बाद अपनी अलग पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर इस चुनाव में दो सीटों से मैदान में हैं। चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों के अनुसार वे दोनों ही सीटों पर आगे चल रहे हैं।

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रेजिनगर और नवदा दोनों सीटों पर वह भाजपा और टीएमसी उम्मीदवारों को पीछे छोड़कर बढ़त बनाए हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि दोपहर 3 बजे तक वे दोनों सीटें जीत जाएंगे और उसके बाद प्रमाण पत्र लेने जाएंगे।

TMC में अंदरूनी खींचतान का भी जिक्र

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ समय से टीएमसी में नेतृत्व को लेकर असंतोष और खींचतान की स्थिति बनी हुई थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय सामने आती रही है, जिससे कई नेता पार्टी से अलग भी हुए।

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बाबरी मस्जिद बयान से विवादों में आए थे कबीर

हुमायूं कबीर उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखने की घोषणा की थी। इसके बाद टीएमसी ने इसे विवादित बताते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाकर टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस बीच उनके एक वीडियो को लेकर भी विवाद हुआ था, जिसमें भाजपा नेताओं से कथित सांठगांठ के आरोप लगाए गए थे। फिलहाल चुनावी नतीजों के बीच हुमायूं कबीर का यह बयान बंगाल की सियासत में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

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