जमशेदपुर के कोऑपरेटिव कॉलेज परिसर में सोमवार (4 मई) को कोल्हान छात्र संघर्ष मोर्चा की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान हाल ही में कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट एवं सिंडिकेट सदस्य बने सोनू ठाकुर को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और संगठन के सदस्यों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के समापन के बाद प्रेसवार्ता आयोजित कर विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया।
सीनेट बैठक और लंबित जांच पर उठे सवाल
प्रेसवार्ता में सोनू ठाकुर ने 24 अप्रैल को हुई कोल्हान विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज में तत्कालीन प्राचार्य अमर सिंह के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच के लिए राजभवन ने आदेश दिया था, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस मुद्दे को बैठक में उठाया गया, तो संबंधित व्यक्ति ने संयम खोते हुए छात्र प्रतिनिधियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जो निंदनीय है।
कार्रवाई और माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
कोल्हान छात्र संघर्ष मोर्चा ने पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि केवल तबादले से वे संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि सार्वजनिक माफी और उचित कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संगठन मानहानि का मुकदमा दर्ज करने पर भी विचार करेगा। प्रेसवार्ता में विश्वविद्यालय के उपसचिव वीरेंद्र कुमार, दीपक पांडेय, कुंदन यादव, बिपिन शुक्ला सहित कई छात्र नेता और सदस्य मौजूद रहे।
लॉ कॉलेज की जमीन आवंटन पर भी उठे सवाल
सोनू ठाकुर ने प्रेसवार्ता में जमशेदपुर कोऑपरेटिव लॉ कॉलेज की जमीन आवंटन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में तत्कालीन प्राचार्य अमर सिंह द्वारा जमीन आवंटन की बात कही जाती है, लेकिन यह प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं लगती। उनका कहना है कि यदि जमीन का आवंटन सही तरीके से हुआ होता, तो आज कॉलेज को बार-बार बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता के लिए प्रयास नहीं करना पड़ता। इससे पूरी प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।









