‘एक दिन’ में दिखी जापान की खूबसूरती, पर साई पल्लवी और जुनैद खान के बीच की ‘ठंडी केमिस्ट्री’ ने किया निराश!

दक्षिण भारतीय फिल्मों की सुपरस्टार साई पल्लवी ने आखिरकार फिल्म 'एक दिन' से बॉलीवुड में कदम रख दिया है।

Johar News Times
3 Min Read

दक्षिण भारतीय फिल्मों की सुपरस्टार साई पल्लवी ने आखिरकार फिल्म ‘एक दिन’ से बॉलीवुड में कदम रख दिया है। आमिर खान के बेटे जुनैद खान के साथ उनकी यह जोड़ी चर्चा में तो थी, लेकिन क्या यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरी? निर्देशक सुनील पांडे की यह फिल्म थाई फिल्म ‘वन डे’ का आधिकारिक रीमेक है, जो जापान की बर्फीली वादियों में शूट हुई है। आइये जानते हैं कि यह फिल्म देखने लायक है या नहीं।


कहानी में है अजीब मोड़

फिल्म की कहानी दिनेश (जुनैद खान) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक आईटी कंपनी में काम करने वाला बेहद शर्मीला लड़का है। वह अपनी सहकर्मी मीरा (साई पल्लवी) से छुप-छुप कर प्यार करता है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब ऑफिस ट्रिप के दौरान जापान में मीरा को TGA (एक प्रकार की याददाश्त भूलने वाली बीमारी) हो जाती है।

- Advertisement -
Ad image

दिनेश को एक जापानी चमत्कार की मदद से मीरा के साथ ‘प्रेमी’ बनकर एक दिन बिताने का मौका मिलता है, क्योंकि उसे पता है कि अगली सुबह मीरा को कुछ भी याद नहीं रहेगा। क्या यह निस्वार्थ प्रेम है या किसी की मजबूरी का फायदा? फिल्म इसी कशमकश के इर्द-गिर्द घूमती है।


कैसा रहा कलाकारों का प्रदर्शन?

  • साई पल्लवी: फिल्म की असली जान साई पल्लवी ही हैं। उनकी सहजता और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी फिल्म को देखने लायक बनाती है। हिंदी डेब्यू में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है।
  • जुनैद खान: जुनैद ने एक ‘नर्ड’ लड़के के किरदार को निभाने की पूरी कोशिश की है, लेकिन फिल्म के कई भावुक दृश्यों में वह फीके नजर आते हैं।
  • केमिस्ट्री: फिल्म की सबसे बड़ी कमी दोनों सितारों के बीच केमिस्ट्री का न होना है। रोमांस में जो ‘स्पार्क’ होना चाहिए, वह पूरी फिल्म में कहीं नजर नहीं आता।


सिनेमैटोग्राफी लाजवाब, पर निर्देशन कमजोर

फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी शूटिंग लोकेशन्स हैं। जापान के होक्काइडो की बर्फ और खूबसूरत नजारे किसी पोस्टकार्ड की तरह लगते हैं। ऐसा लगता है मानो आप कोई शानदार ट्रैवल डॉक्यूमेंट्री देख रहे हों। हालांकि, सुनील पांडे का निर्देशन और कमजोर पटकथा फिल्म की रफ्तार को इतना धीमा कर देते हैं कि दर्शक ऊबने लगता है।

- Advertisement -
Ad image

देखें या छोड़ दें?

‘एक दिन’ एक ऐसी फिल्म है जिसमें भावनाएं तो हैं पर उनकी गहराई गायब है। अगर आप साई पल्लवी के बड़े फैन हैं और सिर्फ जापान की खूबसूरती देखना चाहते हैं, तो ही यह फिल्म आपको पसंद आएगी। वरना, यह प्रेम कहानी पुरानी बोतलों में भरी नई शराब जैसी है, जिसका स्वाद बहुत जल्दी उतर जाता है।

Share This Article