झारखंड की राजनीति में अब ‘महिला आरक्षण’ को लेकर सीधी जंग शुरू हो गई है। बीजेपी जहां इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इसे विपक्ष का “पॉलिटिकल ड्रामा” करार दिया है।
बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
- 30 अप्रैल से लगातार समय मांगने के बावजूद मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिल रहे हैं।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू होने से झारखंड में लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 और विधानसभा सीटें 81 से बढ़कर 121 हो सकती हैं।
- नए प्रावधानों के तहत झारखंड से 7 महिलाएं लोकसभा पहुंचेंगी।
मरांडी ने मांग की कि राज्यपाल की सहमति से विशेष सत्र बुलाया जाए और इस कानून के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाए।
JMM का तीखा पलटवार: ‘ट्रिपल टेस्ट कर चुके, गुमराह न करें’
मुख्यमंत्री की ओर से मोर्चा संभालते हुए JMM महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने विपक्ष की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास “निरर्थक सवालों” के लिए समय नहीं है।
- झारखंड सरकार पहले ही निकाय चुनावों में 33% आरक्षण और ‘ट्रिपल टेस्ट’ की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है।
- JMM ने आरोप लगाया कि एक तरफ बीजेपी महिलाओं की बात करती है, दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियां महिला नेतृत्व (बंगाल का जिक्र) को परेशान कर रही हैं।
- अगर विपक्ष के पास कोई सकारात्मक चर्चा का विषय हो, तभी संवाद संभव है।










