गर्मियों की दस्तक के साथ ही बाजारों में तरबूज की भरमार हो गई है। अपनी हाइड्रेटिंग प्रॉपर्टीज और स्वाद के कारण यह फल हर किसी की पहली पसंद होता है। हालांकि, डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए इसे लेकर अक्सर असमंजस की स्थिति बनी रहती है। क्या तरबूज में मौजूद प्राकृतिक मिठास ब्लड शुगर लेवल को बिगाड़ सकती है? आइए जानते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स इस पर क्या कहती हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
हेल्थलाइन की रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए तरबूज पूरी तरह वर्जित नहीं है। लेकिन, इसे खाने के दौरान ‘मात्रा’ और ‘तरीके’ पर नियंत्रण रखना सबसे महत्वपूर्ण है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी ताजे फल खाने की सलाह देता है, बशर्ते उनमें अलग से चीनी (Added Sugar) न मिलाई गई हो।

तरबूज का पोषण और शुगर लेवल पर असर
तरबूज पोषक तत्वों का खजाना है। इसमें विटामिन ए, सी, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सिडेंट दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।
ब्लड शुगर की बात करें तो:
- ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI): तरबूज का GI करीब 72 होता है, जो अधिक की श्रेणी में आता है।
- ग्लाइसेमिक लोड (GL): इसका ग्लाइसेमिक लोड कम होता है, जिसका मतलब है कि सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह ब्लड शुगर को अचानक बहुत ज्यादा नहीं बढ़ाता।
मात्रा का ध्यान रखना है जरूरी
रिपोर्ट के अनुसार, एक कप (लगभग 152 ग्राम) कटे हुए तरबूज में 9.42 ग्राम शुगर और 11.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति बड़ा स्लाइस खाता है, तो यह मात्रा बढ़ सकती है जो शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, हिस्सा (Portion Size) कंट्रोल में रखना ही बचाव का सही रास्ता है।
इन बातों का रखें ख्याल
- जूस के बजाय फल खाएं: डायबिटीज के मरीजों को तरबूज का जूस पीने के बजाय इसके टुकड़े खाने चाहिए, ताकि उन्हें फाइबर मिल सके।
- संतुलित आहार: तरबूज को अकेले बहुत अधिक मात्रा में खाने के बजाय संतुलित भोजन के साथ लें।
- हाइड्रेशन: चूंकि इसमें 90% से ज्यादा पानी होता है, यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सामान्य जानकारी के आधार पर है। यदि आपका शुगर लेवल बहुत अधिक रहता है, तो डाइट में किसी भी तरह के बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।










