गर्मियों की तपिश बढ़ते ही बाज़ारों में रसीले आमों की बहार आ गई है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई “फलों के राजा” का बेसब्री से इंतज़ार करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाज़ार में दिखने वाले खूबसूरत और पीले आम आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं?मुनाफे के चक्कर में कई व्यापारी आमों को कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल्स से पका रहे हैं। ये केमिकल शरीर में जाकर सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए, आम खरीदने से पहले ये 5 सीक्रेट टिप्स ज़रूर आज़माएं:
1. खुशबू ही असली पहचान है
प्राकृतिक रूप से पका हुआ आम अपनी सोंधी और मीठी खुशबू से पहचाना जाता है। अगर आप आम को सूंघते हैं और उसमें से कोई खुशबू नहीं आ रही या फिर हल्की सी तीखी केमिकल जैसी गंध आ रही है, तो समझ जाइये कि इसे जबरदस्ती पकाया गया है।
2. रंग के धोखे में न आएं
जो आम देखने में ज़रूरत से ज्यादा चमकीले और एक समान पीले दिखते हैं, वे अक्सर केमिकल का कमाल होते हैं। प्राकृतिक रूप से पके आमों में रंग एक जैसा नहीं होता; उनमें कहीं हल्का हरा और कहीं गहरा पीलापन देखने को मिलता है।

3. दाग-धब्बों पर रखें नज़र
केमिकल से पकाए गए आमों पर अक्सर काले धब्बे या गहरे निशान पड़ जाते हैं। साथ ही, अगर आम पर कहीं इंजेक्शन का निशान या अजीब सी सफेद परत दिखे, तो उसे खरीदने से बचें।
4. दबाकर करें ‘टच टेस्ट’
असली पका हुआ आम छूने पर नरम तो होता है, लेकिन उसमें एक कसावट होती है। वहीं, केमिकल से पका आम कहीं से बहुत ज़्यादा गला हुआ (पिलपिला) महसूस होगा और कहीं से सख्त। इसे दबाने पर आपको प्राकृतिक फल वाली फीलिंग नहीं आएगी।
5. बेकिंग सोडा का रामबाण टेस्ट
अगर आप घर ले आए हैं और अब भी शक है, तो एक बर्तन में पानी लें और उसमें थोड़ा बेकिंग सोडा मिला दें। अब आमों को इसमें डालें। अगर आम का रंग अचानक बदलने लगे या पानी में अजीब सी गंध आने लगे, तो समझ लें कि आम केमिकल्स की भेंट चढ़ चुका है।
आम को खाने से पहले कम से कम 1-2 घंटे के लिए ठंडे पानी में भिगोकर रखें। इससे इसकी तासीर की गर्मी और ऊपरी सतह पर मौजूद केमिकल का असर कम हो जाता है।











