पश्चिम एशिया तनाव के बीच केंद्र का भरोसा, देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता
नई दिल्ली:
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चल रही अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार (28 अप्रैल) को सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में आम जनता के बीच ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि देश में स्थिति नियंत्रण में है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की देश में पर्याप्त उपलब्धता है और वर्तमान में इनकी कीमतों में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा, “देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए लोगों को किसी तरह की चिंता या घबराहट की जरूरत नहीं है।”
वैश्विक हालात पर नजर:
अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है, लेकिन भारत सरकार स्थिति का बारीकी से आकलन कर रही है। जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
उपभोक्ताओं को राहत:
सरकार के इस बयान से आम लोगों को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। परिवहन लागत बढ़ने से जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होता है।
आगे भी निगरानी जारी:
केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल देश में ईंधन की आपूर्ति और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।










