देश में हीटवेव का रेड अलर्ट: केंद्र सरकार ने जारी की सख्त गाइडलाइन

Johar News Times
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भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक व्यापक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग द्वारा उत्तर भारत के कई राज्यों में पारा 42°C के पार पहुँचने की चेतावनी के बाद, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों को आपदा प्रबंधन और बचाव के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली जनहानि को शून्य पर लाना है।


स्वास्थ्य मंत्रालय की विशेष एडवाइजरी: क्या हैं नए निर्देश?

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने स्पष्ट किया है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ गया है। सरकार ने आम जनता के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

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  • दोपहर का समय सबसे घातक: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने को सीमित करें। इस दौरान सूरज की किरणें सबसे सीधी और हानिकारक होती हैं।
  • तरल पदार्थों का सेवन: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखने के लिए ओआरएस (ORS), घर में बनी लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी और छाछ का प्रयोग करें।
  • इन चीजों से दूरी: एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि शराब, चाय, कॉफी और अत्यधिक चीनी वाले कोल्ड ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ये शरीर को जल्दी डिहाइड्रेट करते हैं।


मजदूरों और कार्यस्थलों के लिए कड़े नियम

सरकार ने निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किए हैं:

  1. विश्राम की व्यवस्था: कार्यस्थलों पर मजदूरों के लिए ठंडी और छायादार जगह सुनिश्चित की जाए ताकि वे काम के बीच नियमित आराम कर सकें।
  2. पानी की उपलब्धता: हर कार्यस्थल पर पीने के ठंडे पानी और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की चौबीस घंटे उपलब्धता अनिवार्य है।
  3. मशीनों का प्रबंधन: गर्म मशीनों को इंसुलेट करने या ढंकने का निर्देश दिया गया है ताकि कार्यस्थल का तापमान और न बढ़े।

मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

हीट स्ट्रोक के मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली के आरएमएल अस्पताल की तर्ज पर देशभर के जिला अस्पतालों में विशेष ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ बनाने को कहा गया है। इन वार्डों में:

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  • मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत नीचे लाने के लिए बर्फ के पानी वाले बड़े टब लगाए गए हैं।
  • आपातकालीन स्थिति के लिए विशेष बेड और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।
  • बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से निगरानी की व्यवस्था की गई है।

स्कूलों और आम नागरिकों के लिए चेतावनी

शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों को बार-बार पानी पीने के लिए प्रेरित करें और खेल-कूद जैसी बाहरी गतिविधियों को सुबह जल्दी या शाम के समय ही रखें। इसके अलावा, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों को ठंडा रखें, पर्दों का इस्तेमाल करें और रात के समय खिड़कियां खुली रखें ताकि वेंटिलेशन बना रहे।

याद रखें, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मांसपेशियों में ऐंठन या बेहोशी महसूस होने पर इसे सामान्य थकान न समझें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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