झारखंड और बंगाल समेत पूरे उत्तर भारत में पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच ‘हीटस्ट्रोक’ (लू) का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लू कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है; हमारा शरीर प्रभावित होने से पहले ही कई चेतावनी भरे संकेत देता है।
अगर आप इन संकेतों को समय रहते पहचान लें, तो गंभीर स्वास्थ्य संकट से बच सकते हैं।
इन 6 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
- धड़कता हुआ सिरदर्द: यदि धूप में जाने के बाद सिर में तेज खिंचाव या भारीपन महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। यह संकेत है कि आपके शरीर का तापमान बढ़ रहा है।
- अचानक चक्कर और धुंधलापन: चलते-फिरते अचानक आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना इस बात का प्रमाण है कि गर्मी का सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ रहा है।
- पसीने का अचानक रुक जाना: यह सबसे खतरनाक स्थिति है। जब शरीर पसीना छोड़ना बंद कर देता है, तो इसका मतलब है कि शरीर का ‘नेचुरल कूलिंग सिस्टम’ फेल हो गया है।
- मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी: हाथ-पैरों में अचानक कमजोरी महसूस होना या ऐंठन आना लू लगने का शुरुआती लक्षण है।
- बार-बार गला सूखना: पर्याप्त पानी पीने के बावजूद अगर मुंह और होंठ सूखे लगें, तो समझ लें कि शरीर ‘डिहाइड्रेशन’ की गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है।
- चिड़चिड़ापन और घबराहट: बिना बात के बेचैनी होना, दिल की धड़कन तेज होना या किसी काम में मन न लगना शरीर के भीतर बढ़ती गर्मी का इशारा है।
कौन हैं ‘हाई रिस्क’ पर?
- बच्चे और बुजुर्ग: इनका इम्युनिटी सिस्टम गर्मी को जल्दी बर्दाश्त नहीं कर पाता।
- गर्भवती महिलाएं: शरीर में पानी की कमी इनके लिए जोखिम भरी हो सकती है।
- फील्ड वर्कर्स: जो लोग दोपहर की धूप में काम करते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

लू से बचने के अचूक उपाय
- भरपूर पानी पिएं: प्यास न भी लगे, तो भी हर घंटे पानी पिएं। घर से निकलते समय कुछ खाकर और पानी पीकर ही निकलें।
- देसी ड्रिंक्स का सहारा: ओआरएस , नींबू पानी, छाछ और आम पन्ना का सेवन करें। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देते।
- सही पहनावा: हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को हमेशा छाते, टोपी या तौलिए से ढक कर रखें।
- धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें।
- इनसे परहेज करें: धूप में निकलने से पहले चाय, कॉफी या अधिक कैफीन वाले ड्रिंक्स का सेवन न करें, क्योंकि ये शरीर को जल्दी डिहाइड्रेट करते हैं।
विशेष नोट: यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार के साथ बेहोशी महसूस हो, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर लिटाएं, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल ले जाएं।









