रांची के जगन्नाथ मंदिर में गार्ड की हत्या, धारदार हथियार से वार; इलाके में आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस

रांची के जगन्नाथ मंदिर में गार्ड की हत्या, धारदार हथियार से वार; इलाके में आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस

Johar News Times
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राजधानी रांची के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर परिसर में गुरुवार देर रात मंदिर के गार्ड की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान बिरसा मुंडा के रूप में हुई है, जो मंदिर में खतियानी सेवक के साथ-साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे।

जानकारी के अनुसार, घटना के समय बिरसा मुंडा मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात थे। देर रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जब पुजारी और स्थानीय लोग मंदिर पहुंचे तो गार्ड का खून से लथपथ शव देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।

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सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। धुर्वा, विधानसभा और जगन्नाथपुर थाना की पुलिस के साथ हटिया के डीएसपी, एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस घटना के पीछे सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि अपराधी चोरी की नीयत से मंदिर में घुसे थे और गार्ड के विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। वहीं, आपसी दुश्मनी की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

करीब 335 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में कई सेवक अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हैं। बिरसा मुंडा लंबे समय से यहां गार्ड के रूप में कार्यरत थे। यह मंदिर वर्ष 1691 में बड़कागढ़ रियासत के राजा एनीनाथ शाहदेव द्वारा पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनवाया गया था। यहां हर साल भव्य रथयात्रा निकाली जाती है, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी जाते हैं और करीब दस दिनों तक विशाल मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

हाल के दिनों में मंदिर परिसरों को भी अपराधियों द्वारा निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। 21 अप्रैल को पंडरा ओपी क्षेत्र के मनोकामना मंदिर के बाहर जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी विजय टेटे को गिरफ्तार किया था, जबकि दूसरा आरोपी सत्यम पाठक बक्सर भागने की फिराक में नेवरी विकास के पास से पकड़ा गया था। घटना में प्रयुक्त हथियार कांके डैम के पास से बरामद किया गया था।

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बताया जाता है कि हथियार बरामद कर लौट रही पुलिस टीम से भी आरोपियों ने हथियार लूटने का प्रयास किया था, जिस पर पुलिस की जवाबी फायरिंग में सत्यम पाठक के पैर में गोली लगी थी।

फिलहाल जगन्नाथ मंदिर में गार्ड की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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