रांची, झारखंड सरकार महिला एवं बाल विकास क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को 63 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) और 237 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इस संबंध में प्रोजेक्ट भवन सभागार में दोपहर एक बजे कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इन पदों पर नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की गई है।
सीडीपीओ पदों पर चयन का विवरण
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 64 पदों के लिए अनुशंसा प्राप्त हुई थी, जिनमें से 63 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों में अनारक्षित श्रेणी के 34, अनुसूचित जाति के 2, अनुसूचित जनजाति के 21, बीसी-वन के 1 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 6 अभ्यर्थी शामिल हैं।
इनमें 35 महिलाएं चयनित हुई हैं, जबकि कुल पदों में 50 प्रतिशत यानी 32 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। इस तरह महिलाओं की भागीदारी अपेक्षा से अधिक रही है।
महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति
महिला पर्यवेक्षिका के 444 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन कुल 313 अभ्यर्थियों का ही चयन हो सका। इनमें अनारक्षित वर्ग के 138, एसटी के 72, एससी के 22, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 34, पिछड़ा वर्ग के 19 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 28 अभ्यर्थी शामिल हैं।
इनमें से 237 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, जिनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन पूरा हो चुका है।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से राज्य में महिला एवं बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी। साथ ही जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा और लाभार्थियों तक योजनाओं का बेहतर तरीके से पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।










