झारखंड को मिली बड़ी सौगात: जमशेदपुर में खुला राज्य का पहला ‘एलीफेंट रेस्क्यू एंड केयर सेंटर’, अब घायल हाथियों को मिलेगा नया जीवन

Johar News Times
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जमशेदपुर (कोल्हान): झारखंड में वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। जमशेदपुर के डिमना लेक स्थित कुटीमहुली क्षेत्र में राज्य के पहले हाथी रेस्क्यू और केयर सेंटर (Elephant Rescue and Care Centre) का विधिवत उद्घाटन हो गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने इस आधुनिक सुविधा का लोकार्पण किया।

अब तक झारखंड में हाथियों के घायल होने या बीमार पड़ने पर वन विभाग को गुजरात (वंतारा) या अन्य राज्यों की विशेषज्ञ टीमों का इंतज़ार करना पड़ता था। इस देरी के कारण कई बार हाथियों की जान चली जाती थी।

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  • लागत और विस्तार: करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से बना यह सेंटर 7 हेक्टेयर (करीब 17 एकड़) में फैला है।
  • प्राकृतिक आवास: इसे कंक्रीट के अस्पताल के बजाय हाथियों के प्राकृतिक परिवेश (Natural Habitat) की तरह विकसित किया गया है।
  • आधुनिक सुविधाएं: यहाँ हाथियों के इलाज के लिए विशेष ‘एलीफेंट क्राल’ (Elephant Kraal), विशाल तालाब, नहाने के क्षेत्र और पोषण के लिए विशेष किचन बनाया गया है।

विशेषज्ञ टीम और सुरक्षा व्यवस्था

उद्घाटन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस सेंटर में 24×7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी रहेगी।

  • प्रशिक्षित महावत: हाथियों की देखभाल के लिए अनुभवी महावतों को तैनात किया गया है।
  • सुरक्षा घेरा: हाथियों को सुरक्षित रखने और क्षेत्र से बाहर भटकने से रोकने के लिए हैंगिंग सोलर फेंसिंग और ट्रेंच फेंसिंग का घेरा बनाया गया है।

मिशन: मानव-हाथी संघर्ष पर लगाम

दलमा डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि इस सेंटर से न केवल बीमार हाथियों का इलाज होगा, बल्कि आक्रामक हाथियों को रेस्क्यू कर यहाँ उनका व्यवहार सुधारने और पुनर्वास (Rehabilitation) करने में भी मदद मिलेगी। इससे कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के आतंक और दहशत में कमी आएगी।

भविष्य की योजना: चाईबासा और बोकारो में भी खुलेंगे सेंटर

पीसीसीएफ संजीव कुमार के अनुसार, जमशेदपुर का यह सेंटर महज शुरुआत है। विभाग की योजना जल्द ही पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), हजारीबाग और बोकारो में भी इसी तरह के सेंटर स्थापित करने की है, ताकि पूरे राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो सके।


प्रमुख उपस्थिति:

कार्यक्रम में पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन, मुख्य वन संरक्षक एसआर नटेश, आरसीसीएफ स्मिता पंकज और डीएफओ सबा आलम अंसारी सहित वन विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

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