हजारीबाग/रांची: झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को आज एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। हजारीबाग और चतरा की सीमा पर स्थित केरेडारी थाना क्षेत्र के खपिया जंगल में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चार बड़े नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में 15 लाख का इनामी रिजनल कमेटी सदस्य सहदेव महतो भी शामिल है।

कोबरा और झारखंड पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रिजनल कमेटी सदस्य सहदेव महतो और उसके दस्ते की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया। आज दोपहर करीब 1:00 बजे जैसे ही बल खपिया जंगल के करीब पहुँचे, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने वीरता का परिचय देते हुए चार नक्सलियों को ढेर कर दिया।
मारे गए नक्सलियों की पहचान और प्रोफाइल:
मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में अब तक 4 शव बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- सहदेव महतो: रिजनल कमेटी सदस्य (15 लाख इनामी), जिला-हजारीबाग। (41 कांड दर्ज)
- रंजीत गंझु: जोनल कमेटी सदस्य (10 लाख इनामी), जिला-चतरा। (09 कांड दर्ज)
- नताशा: सब-जोनल कमेटी सदस्य, जिला-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र)। (17 कांड दर्ज)
- बुधन करमाली: एरिया कमांडर (01 लाख इनामी), जिला-चतरा। (10 कांड दर्ज)
विदेशी और अत्याधुनिक हथियार बरामद
घटनास्थल से सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है:
- 02 ए.के.-47 (AK-47) राइफल
- 01 कोल्ट ए.आर.-15 (AR-15) राइफल
- 01 इंसास (INSAS) राइफल
- दैनिक उपयोग की अन्य सामग्रियां।
क्षेत्र में माओवादी दस्ते का हुआ सफाया
पुलिस के अनुसार, इस सफल अभियान से पारसनाथ-लुगूझुमरा और हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी दस्ते का लगभग पूर्ण रूप से सफाया हो गया है। झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपील की है कि शेष बचे उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ का लाभ उठाएं, अन्यथा इसी तरह की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
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