नोनीहाट: सहायक अध्यापकों का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो 18 अप्रैल से रांची में मुख्यमंत्री आवास के समक्ष भूख हड़ताल

Johar News Times
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नोनीहाट/जरमुंडी: झारखंड राज्य प्रशिक्षित आकलन सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सहायक अध्यापकों के एक शिष्टमंडल ने जरमुंडी के विधायक देवेंद्र कुंवर के आवास पर उनसे मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। विधायक ने अध्यापकों के इस संघर्ष में पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संघ:

सहायक अध्यापकों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के साथ हुए पूर्व समझौतों का अनुपालन नहीं होने से उनमें गहरा रोष है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

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  • टेट के समतुल्य दर्जा: आकलन परीक्षा को टेट (TET) के बराबर मान्यता दी जाए।
  • क्षेत्रीय भाषाओं का समावेश: परीक्षा और चयन प्रक्रिया में अंगिका, मगही, भोजपुरी और उर्दू जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया जाए।
  • समान काम, समान वेतन: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सहायक अध्यापकों को समान कार्य के लिए समान वेतनमान दिया जाए।
  • सेवानिवृत्ति और अनुकंपा: सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष तय की जाए और अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया को जल्द लागू किया जाए।

18 अप्रैल से आमरण अनशन की चेतावनी

संघ के नेताओं ने सरकार को 12 अप्रैल तक का समय दिया था (जो बीत चुका है)। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस विचार नहीं करती है, तो 18 अप्रैल से वे रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के समक्ष भूख हड़ताल और आमरण अनशन शुरू करेंगे।

शिष्टमंडल में ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वाले शिष्टमंडल में मुख्य रूप से ऋषिकांत तिवारी, विकास चौधरी, संजीव कुमार सिंह, सुमन कुमार, बसंत कुमार, सुशील झा, महेश कुमार, संजय पाठक, युगल किशोर, वीरेंद्र राय, मोतीलाल टुडू सहित भारी संख्या में शिक्षक शामिल थे।


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