सरायकेला: विश्व प्रसिद्ध राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव 2026 के दूसरे दिन सरायकेला शहर में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा एवं सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए 12 अप्रैल को ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ‘नो एंट्री’ और ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू की गई है।

भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े इंतजाम
पुलिस प्रशासन के अनुसार, बिरसा मुंडा स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान बनाया गया है।
- भारी वाहनों पर रोक: शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर ही बड़े और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- वन-वे ट्रैफिक: संकरी सड़कों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए कई मार्गों को ‘वन-वे’ (एकतरफा) कर दिया गया है।
- अतिरिक्त बल की तैनाती: मुख्य चौक-चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है।
इन मार्गों पर पड़ेगा असर
महोत्सव स्थल की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। दर्शकों से अनुरोध है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना बेहतर होगा।
प्रशासन की अपील
सरायकेला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और आगंतुकों से अपील की है कि वे महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग करें। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन न करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से पहले रूट चार्ट जरूर देख लें।
छऊ महोत्सव: कोल्हान की सांस्कृतिक पहचान
सरायकेला का छऊ महोत्सव न केवल झारखंड बल्कि देश-विदेश में अपनी विशिष्ट शैली के लिए प्रसिद्ध है। पारंपारिक मुखौटों और अद्भुत नृत्य कला को देखने के लिए हर साल यहाँ हजारों पर्यटक पहुँचते हैं, जिसकी सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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